Share Market क्या है ?

Share Market यानी शेअर खरीदने और बेचने का मार्केट | कम्पनियाँ यहाँ पर अपने शेअर्स बेचने के लिए आती हैं, और निवेशक शेअर्स खरीदने के लिए | शेअर मार्केट को कुछ अन्य नामों से भी जाना जाता है जैसे की : स्टॉक मार्केट, सिक्युरिटी मार्केट, इक्विटी मार्केट, कॅश मार्केट या कॅश सेगमेंट, कॅपिटल मार्केट, शेअर बाजार, पूंजी बाजार इत्यादि |

IPO में हमने जाना था की कम्पनी अपने लिए पैसा इकठ्ठा कर रही है जिसके लिए आपको यानी पब्लिक को शेअर्स बेच रही है | अब आपको ऐसी कम्पनीयों के शेअर्स खरीदना चाहिए जिनके शेअर्स की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है ; और ये पता करने का सबसे आसान तरीका है “Google” | आप गूगल पर सर्च कीजिए “HINDUSTAN UNILEVER LIVE SHARE PRICE” अब आपके सामने एक चार्ट आएगा जिसपर आपको “MAX” पर क्लिक करना है | क्लिक करने के बाद आपको कुछ इस तरह का चार्ट दिखाई देगा |

Share Market

Share की Price

जैसे की आप चित्र में देख पा रहे है, की इस कम्पनी के शेअर्स की कीमत लगातार बढ़ती जा रही है | किसी भी कम्पनी के शेअर्स की कीमत बढ़ती जा रही है तो ऐसे शेअर में निवेश करना फायदेमंद होता है | अब आप गूगल पर कम से कम 5 कम्पनियों के चार्ट देखिए और उन कंपनियों के नाम शाॅर्टलिस्ट (सूची बनाइये) कीजिए , जिनके शेअर की कीमत लगातार बढ़ती ही जा रही है और ऐसे कम्पनियों के शेअर की कीमत पर नजर बनाये रखिये |

कम्पनियों के नामों की लिस्ट आपको इस Link click here पर मिल जायेगी |

मैं जानता हूँ की आप ये सोच रहे होंगे की पिछले कई सालो से शेअर की कीमत बढ़ रही है यह देख कर निवेश कर देंगे, और अगर अब गिरना शुरू कर दे तो ? दरअसल तीन बातें आपको इस परेशानी को हल कर सकते है |

1. हम अभी शुरुआत कर रहे हैं, निवेश नहीं |

2. बड़ा निवेश ऐसे ही “शेअर” में किया जाता है जिसकी कीमत लगातार बढ़ रही हो | तभी तो वो सालों से बढ़ता जा रहा है |

3. स्काॅलरशिप (छात्रवृति) उसी विधार्थी को दि जाती है जो लगातार पास हो रहा हो | और लगातार बढ़ने वाला स्टॉक एक लगातार पास हो ने वाला विधार्थी है |

Share Market प्लेटफार्म है,

शेअर मार्केट एक तरह का मंच (प्लेटफार्म) है, जैसे की flipkart या amazon | आप अगर flipkart से कोई मोबाइल खरीदते है तो मोबाइल बनाने वाली कम्पनी (या विक्रेता) से खरीदते है | आप मोबाइल बनाने कम्पनी की वेबसाईट पर जाकर खरीदने की बजाय flipkart से खरीदते है | तो flipkart सिर्फ एक माध्यम है मोबाइल बेचने वाले (सेलर्स) और खरीदने वाले (बायर्स) को एक जगह पर लाने का | शेअर मार्केट भी flipkart की ही तरह काम करता है |

शेअर मार्केट में कम्पनियाँ अपने शेअर्स बेचती है और खरीदने वाले यहाँ से शेअर्स खरीद लेते है | फर्क यह है की शेअर्स की खरीद और बिक्री बहोत बड़ी संख्या में और बहोत ज्यादा लोगो द्वारा की जाती है, जिससे शेअर की कीमत बहोत तेजी से बदलती रहती है | और flipkart रेग्युलेटेड नही है और शेअर मार्केट पूरी तरह से रेग्युलेटेड है | रेग्युलेटेड यानी एक सरकारी संस्था की निगरानी और अधिकारक्षेत्र में है | मोबाइल खरीदने के बाद अगर मोबाइल की कीमत बढ़ जाए तो हम बढ़ी हुई कीमत पर बेच नही सकते पर शेअर्स “Share Market के जरिए” बेच सकते है |

 



 

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