Currency trading : होता क्या है ?

Currency trading करना यानी  के करंसी के फ्यूचर और ऑप्शन मार्किट में ट्रेडिंग करना | करंसी ट्रेडिंग के लिए उपलब्ध है , शेअर या कमोडिटी से बिलकुल भी अलग नहीं है | करंसी में भी लॉट सिस्टम होता है , करंसी के काॅन्ट्रैक्ट होते हैं , करंसी में ट्रेडिंग मार्जिन के आधार पर होती है और करंसी में ट्रेडिंग करने के लिए आपका एक ट्रेडिंग अकाउंट होना अनिवार्य है | सभी कॅपिटल मार्केट की तरह इस मार्केट में भी सिर्फ कॉन्ट्रैक्ट ट्रेड होते हैं , आपको असल में कभी भी कोई करंसी फिजिकल फॉर्म में नहीं मिलती | करंसी मार्केट के बारे में समझने जैसी कुछ बाते है जिन्हें हम इस Page में कवर करने वाले है |

क्या होती है कंरसी की असली कीमत ?

कंरसी का स्पॅाट प्राइज , या कहें की करेंसी की असली कीमत भारत में RBI द्वारा हर रोज 1:30 बजे प्रकाशित की जाने वाली एक्सचेंज या रेफरन्स रेटस होती है |

उदाहरण के लिए अगर हम RBI की वेबसाइट पर https://www.fbil.org.in/  इस लिंक पर विजिट करें और वहाँ पर “रेफरन्स रेट” पर क्लिक करें तो हमें RBI द्वारा प्रकाशित की गई, अलग अलग करेंसी की असली कीमत पता चलती है | और RBI द्वारा निर्धारित यही रकम करंसी की स्पॉट प्राइस मानी जाती है | यानी अगर उदाहरण के लिए RBI रेफरंस रेट $1 = 75 रूपये है, और एक्सचेंज में $1, 75.50 रूपये पर ट्रेड हो रहा है तो इसका मतलब यह है की एक्सचेंज में 50 पैसे की तेजी चल रही है | रेफरन्स रेट से ऊपर एक्सचेंज में करेंसी का रेट हो तो भाव बढ़ा कम हो तो गिरा कहते हैं |

लॉट साइज क्या होता है ?

करेंसी मार्केट में लॉट साइज फिक्स होता है | इसका मतलब यह है की करंसी मार्केट में जो लॉट साइज एक बार तय हो चुकी है वह सामान्य: कभी भी बदली नहीं जाती | और फिलहाल सभी करंसी की लॉट साइज है 1000 काॅन्टिटी | यानी आप चाहे USD या INR में ट्रेडिंग करें या किसी और करंसी में लॉट साइज 1000 काॅन्टिटी की ही होगी | लॉट साइज से आप कॉन्ट्रैक्ट साइज का अंदाजा भी लगा सकते है | जैसे की एक हजार डॉलर का एक लॉट |

Currency trading में मार्जिन कितना होता है ?

करंसी मार्केट में दूसरी मार्केट के मुकाबले सबसे कम मार्जिन लगता है | उदाहरण के लिए अगर आप USD या INR में ट्रेडिंग करते है तो 3% या उससे भी कम का मार्जिन आपको देना होता है | उदाहरण के लिए USD या NIR की मौजूदा कीमत अगर 70 रूपये है, तो 70×1000 = 70,000 | अब 70,000 का केवल 3% (2,100) आपको अपने अकाउंट में रखना जरूरी है, अगर आप USD या INR काॅन्ट्रैक्ट में ट्रेड करना चाहते हैं तो |

कौन सी करंसी में ट्रेड हो सकता है ?

भारत में फिलहाल नॅशनल स्टॉक एक्सचेंज में केवल चार करंसी में ट्रेडिंग करना संभव है |

  1.   USD  US DOLLER
  2.   GBP  GREAT BRITAIN POUND
  3.   JPY  JAPANESE YEN
  4.   EURO  EURO

दूसरे Currency में trading कैसे करें ?

भारतवर्ष में दूसरे करंसी में ट्रेडिंग नहीं होती, पर आप इन्टरनॅशनल  ब्रोकर के पास अपना अकाउंट ओपन करके वैश्विक करंसी यानी फ़ॉरेक्स मार्केट में भी ट्रेडिंग कर सकते है | फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग पर कई तरह की पाबंदियाँ, शर्ते और नियम लागू होते है |

जैसे की आपका इंटरनॅशनल ट्रांजैक्शन, इंटरनॅशनल करंसी में ट्रेड के बाद होने वाला मुनाफा और इन दोनों बातों पर लगने वाला टॅक्स कही ज्यादा होता है | इसलिए अगर आप कभी फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग करें तो इस बारे में अपने ITR रिटर्न में अवश्य मेंशन करें | फ़ॉरेक्स ब्रोकर के लिए, गूगल पर सर्च करें फ़ॉरेक्स ब्रोकर | भारत में फ़ॉरेक्स ट्रेडिंग से जुडा कोई कानून लागू हुवा हो तो उसे भी जरुर पढ़ें |



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